Shubh Dipawali: Meaning, Essence and Puja Timings

Author: Mr. Kapil Harsh

About Him: I thank Mr. Kapil for sharing yet another eye opening and informative article regarding the festivals of India. Enjoy knowing more about Dhanteras and Dipawali as I definitely enjoy to know more about our festivals which has such deep meaning.

The Article:

धन तेरस
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी ‘धनतेरस’ कहलाती है। इस दिन भगवान धन्वन्तरि का जन्म समुद्रमंथन से हुआ था। भगवान धन्वन्तरि का प्राकट्य समस्त रोगों की औषधियों को कलश मे ले कर हुआ था। इस दिन धन्वन्तरि भगवान का पूजन करना चाहिये उनकी कृपा से हम सब निरोग रहे। धन तेरस का एक विशेष महत्व इस तिथि पर स्वर्ण , रजत को क्रय करना अति शुभ माना जाता है इस दिन धन को संग्रह करना शुभ माना गया है। त्रयोदशी तिथि को प्रदोष काल मे रजत स्वर्ण को ख़रीदना चाहिये और सायंकाल सूर्यनन्दन यमराज के निमित्त दक्षिणाभिमुख दीपदान करना चाहिये तथा उसका गन्धादि से पूजन करना चाहिये। दीपदान करते समय निम्नलिखित प्रार्थना करनी चाहिये।

मृत्युना पाशहस्तेन कालेन भार्यया सह।
त्रयोदशयां दीपदानात्सूर्यज: प्रीय

दीपावली
कार्तिक अमावस्या तिथि को दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है यह त्यौहार सामाजिक और धार्मिक दोनो दृष्टियों से अप्रतिम महत्व रखता है। सामाजिक दृष्टि से इस पर्व का महत्व इसलिये है की दीपावली आने से पूर्व ही लोग अपने घर प्रतिष्ठान की स्वच्छता पर ध्यान देते है। कूडा करकट रद्दी को निकालकर, दीवारों दरवाज़ों को रंगो से सुंदर रूप देते है उससे उस स्थान की न केवल आयु ही बढ़ जाती है, बल्कि आकृषर्ण भी बढ़ जाता है। दीपावली के दिन धन सम्पत्ति की अधिष्ठात्री देवी भगवती महालक्ष्मी की पूजा करने का विधान है आज के दिन प्रभु राम अनुज भ्राता लक्ष्मण और भार्या सीता के साथ अयोध्या नगरी मे प्रवेश हुये थे। जब तक अयोध्या नगरी मे सीता नही थी वो नगरी अमावस्या की काली रात्री के रूप मे थी जब घर की लक्ष्मी मे अपने घर मे प्रवेश किया तब वो नगरी प्रकाशमय हुई अर्थात जिस घर मे गृहलक्ष्मी नही हो वो अन्धकार मय है जब गृहलक्ष्मी घर आई तब साक्षात लक्ष्मी आई इस कारण महालक्ष्मी का पूजन इस विशेष दिन मनाया जाता है। पूरी नगरी ने दीपों की अवली पंक्ति लगाई इस कारण इस पर्व को दीपावली कहाँ जाता है तभी उस दिन से  इस अमावस्या की अंधाकार रात्री को दीपों से प्रकाशमय किया जाता है और इस रात्री मे लक्ष्मी पूजन किया जाता है। लक्ष्मी जी को कौन कौन सी वस्तुएँ प्रिये है इसका विवेचन महाभारत ग्रंथ मे स्पष्ट रूप से बताया गया है कि गृह की स्वच्छता, सुंदरता और शोभा तो लक्ष्मी के निवास की प्राथमिक आवश्यकता है ही साथ ही उन्हे ये सब भी अपेक्षित है। जैसा देवी रुक्मणी के पूछने पर कि देवी आप किन किन स्थानों पर रहती है जिस स्थान पर धर्म, सत्य, व्रत, दान, तप एवं जिस गृह मे गृहलक्ष्मी का सम्मान है उस घर मे ही में साक्षात लक्ष्मी निवास करती हू।

शुभ दीपावली आप सभी के लिये मंगलमय सुख, धन, वैभव से परिपूर्ण हो।

 

दीपावली व लक्ष्मी पूजन मुहूर्त
____________________________

📯📯📯जयश्रीकृष्ण 📯📯📯

    रविवार, दिनांक 30 अक्टूबर 2016 को प्रदोषकाल में अमावस्या होने से इस दिन मनाई जायेगी

  🔔दिवाकाल के श्रेष्ठ समय 🔔

चर का चोघडिया प्रात: 08:02 से प्रात: 09:24 तक
लाभ का चौघडिया प्रात: 09:24 से प्रात: 10:47 तक
अभिजीत दोपहर 11:47 से दोपहर 12:35 तक
अमृत का चौघडिया दोपहर 1:33 से दोपहर 02:55 तक रहेगा

    🔔रात्री के श्रेष्ठचौघडिये 🔔

शुभका चौघडिया साय: 05:43 से सायं 07:20 तक

अमृत का चौघडिया सांय 07:20 से रात्री 08:57 तक

चर का चौघडिया रात्री 08:57 से रात्री 10:34 तक रहेगा

     🔔रात्री के श्रेष्ठ लग्न 🔔

वृष लग्न सांय 06:39 से रात्री 08:36 तक रहेगा

सिंह लग्न मध्यरात्रि 01:09 से अंतरात्री 03:25 तक है

     🐚सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त का समय 🐚
✨✨✨✨✨✨✨✨✨
प्रदोषकाल: सायं 05:02 से रात्री 6:39 तक

दीपावली आप सभी के लिये परिवार सहित मंगलमय सुख आनन्द से परिपूर्ण हो इन्ही शुभकामनाओ के साथ हार्दिक बधाई
✨🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥✨

इन्ही शुभकामनाओ के साथ
पं. कपिल हर्ष
#9983309346
श्रीगोकुलेंदु ज्योतिष केंद्र
जयपुर।

 

I hope this has satisfied some of your urge to know how you can celebrate the Festival to the fullest. If you would liek to know more about the festival and what all you can do to make it even better feel free to contact Mr. Kapil Harsh @ the contact no. he has provided. Also if you want to know more about other festivals write to me @ mathurpunit8@gmail.com & we will provide the necessary information required.

Stay Healthy, Stay Safe and Have a wonderful & Sparkling Dipawali.

19,562 thoughts on “Shubh Dipawali: Meaning, Essence and Puja Timings

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